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SSC की जीरो टॉलरेंस नीति: नकल करने वालों पर सख्त प्रतिबंध और नंबर रद्द

SSC CBT Exam 2025
SSC CBT Exam 2025

New Delhi: स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) ने आगामी कंप्यूटर बेस्ड परीक्षाओं (CBT) को लेकर उम्मीदवारों को कड़ी चेतावनी दी है। आयोग ने कहा है कि किसी भी प्रकार की नकल, फर्जीवाड़ा या अनुचित साधनों के उपयोग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। SSC की शून्य सहिष्णुता नीति के तहत ऐसे उम्मीदवार न केवल परीक्षा से बाहर किए जाएंगे, बल्कि लंबी अवधि के लिए प्रतिबंधित भी किए जा सकते हैं।

नकल और धोखाधड़ी पर विशेष निगरानी

SSC ने उन गड़बड़ियों की सूची जारी की है जिन पर आयोग विशेष नजर रखेगा। इनमें रिमोट कंट्रोल से परीक्षा हॉल में हस्तक्षेप, इम्पर्सनेशन (दूसरे के नाम पर परीक्षा देना), चिट पास करना और किसी अन्य से मदद लेना शामिल हैं। आयोग ने इन गतिविधियों की रोकथाम के लिए अत्याधुनिक तकनीकी उपाय अपनाए हैं, जिनमें आधार आधारित वेरिफिकेशन, फेशियल रिकग्निशन, सीसीटीवी निगरानी और एआई संचालित एनालिटिक्स शामिल हैं।

नकल पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई

यदि तकनीकी जांच के दौरान कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो परीक्षा तुरंत नहीं रोकी जाएगी ताकि अन्य उम्मीदवारों को परेशानी न हो। लेकिन दोषी उम्मीदवार के नंबर रद्द कर दिए जाएंगे और उसे परीक्षा में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। आयोग का यह कदम परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने और प्रतिभागियों के अधिकारों की रक्षा करने के उद्देश्य से है।

उम्मीदवारों के लिए जरूरी सावधानियां

SSC ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे परीक्षा के दौरान किसी भी संदिग्ध या अनुचित व्यवहार से बचें। इनमें उत्तर जल्दी-जल्दी लिखकर रफ शीट पर नोट करना, साथ बैठे उम्मीदवार से बातचीत करना, दूसरे के कंप्यूटर स्क्रीन की ओर देखना या आधार बायोमेट्रिक लॉक करना शामिल है। आयोग ने बताया कि कई चरणों पर आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा, इसलिए उम्मीदवारों को पूरी ईमानदारी से परीक्षा में भाग लेना चाहिए।

आधुनिक तकनीक से बढ़ाई गई सुरक्षा

SSC ने परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए नवीनतम तकनीकों को अपनाया है। फेशियल रिकग्निशन और आधार आधारित पहचान से उम्मीदवारों की पहचान की जाएगी। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों से परीक्षा हॉल की निगरानी की जाएगी और एआई के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण किया जाएगा। ये कदम नकल और धोखाधड़ी को रोकने में कारगर साबित होंगे।

आयोग की सख्त चेतावनी का मकसद

SSC की यह कड़ी चेतावनी केवल उम्मीदवारों को अनुशासन में रखने के लिए नहीं है, बल्कि परीक्षा की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए है। आयोग का उद्देश्य है कि केवल योग्य और ईमानदार उम्मीदवारों को ही सरकारी नौकरियों में चयन मिले। नकल और अन्य अनुचित गतिविधियों से न केवल अन्य उम्मीदवारों का नुकसान होता है, बल्कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है।

आगे की प्रक्रिया और प्रतिबंध

जो उम्मीदवार नकल करते पाए जाएंगे, उन्हें तत्काल परीक्षा केंद्र से हटाया जाएगा। साथ ही, आयोग उनकी भविष्य की परीक्षाओं में भागीदारी पर प्रतिबंध लगा सकता है। यह प्रतिबंध कई वर्षों तक प्रभावी रहेगा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि SSC अपने नियमों को लेकर पूरी तरह गंभीर है।

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