Section-Specific Split Button

क्या युवाओं के लिए एक अच्छा मौका लेकर आएगी फार्मा इंडस्ट्री?

कोरोना वायरस का कहर दुनिया के हर कोने में और हर एक वर्ग पर पड़ा है। ऐसे में लोगों के रौोजगार पर भी बड़ा असर पड़ा है। इस बीच एक अच्छी खबर भी आई है, जो की देश के युवा वर्ग और नौकरी से जुड़ी है। पढ़ें युवा डाइनामाइट विशेष..

नई दिल्लीः कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी के बीच हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) औषधि को कुछ हद तक कारगर मानते हुए इसकी मांग काफी बढ़ गई है। जिसे देखते हुए इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले समय में राहत देने वाली औषधियों के उत्पादन के मामले में भारत आगे बढ़ने वाला है।

WHO के अनुसार कोरोना की बिमारी से पूरी दुनिया लड़ रही है। इस दौरान भारत की हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन ‘संजीवनी बूटी’ के रूप में एक विकल्प बन कर सामने आई है, जिसे कोरोना के इलाज में कुछ हद तक उपयोगी माना जा रहा है।

ऐसे में माना जा रहा है कि जेनरिक दवाओं के अलावा जिस तरह से भारत की अन्य दवाओं की मांग दुनिया में तेजी से बढ़ रही है, उससे देश की फार्मास्यूटिकल कंपनियों का तेजी से विस्तार होगा। सरकारों का भी नई-नई एंटी माइक्रोब्रियल दवाएं, रिसर्च और चिकित्सकीय उपकरण बनाने पर अधिक जोर होगा, जहां आकर्षक पैकेज पर नौकरियों के भी अधिक अवसर होंगे। यहां केमिस्ट, टेक्नीशियंस और साइंस फील्ड के अन्य युवाओं के लिए रोजगार की असीम संभावनाएं हैं।

Previous Post
Next Post

कैटेगरी